2016 में की गई नोटबंदी के कदम को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया।

  2016 में की गई नोटबंदी के कदम को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया।   2016 में की गई नोटबंदी…

 

2016 में की गई नोटबंदी के कदम को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया।

 

2016 में की गई नोटबंदी – आज सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के 2016 में 500 और 1000 के नोटो को बंद करने के फैसले को सही ठहराया है। इसके साथ ही नोटबंदी के खिलाफ दायर सभी याचिकाओ को खारिज कर दिया है। नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओ पर कोर्ट ने सुनवाई की है। कोर्ट ने कहा है की नोटबंदी की प्रक्रिया मे कोई गडबडी नही हुई है।गौरतलब है की आरबीआई के पास विमुद्रीकरण लाने की कोई स्वतंत्र शक्ति नही है और नोटबंदी का निर्णय केंद्र और आरबीआई के बीच परामर्श के बाद ही लिया गया था ।

2016 में की गई नोटबंदी के कदम को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया।

 

यह फैसला पाँच जजो की संविधान पीठ द्वारा सुनाया गया। गौरतलब है की यह पीठ 4 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रही है। इस पाँच जजो की पीठ में न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना, जस्टिस नजीर , ए एस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यन शामिल है।

बता दें की शीर्ष अदालतने 7 दिसंबर को सरकार और याचिकाकर्ताओ की दलीले सुनी थी और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले कोर्ट ने सरकार के 2016 के फैसले से संबंधित रेकोर्ड मांगे थे । अपना फैसला सुरक्षित रखने से पहले पाँच जजो की इस पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम और श्याम दीवान सहित आरबीआई के वकील और याचिकाकर्ताओ के वकीलो, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी की दलीले सुनी थी ।

 

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