- फाइनेंस
- June 8, 2023
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RBI के पास आया 2000 नोट के 1.80 लाख करोड़ रुपये, जानिए बंद नोट का क्या करेगी RBI
2000 के नोट एक्सचेंज को शुरू हुए 2 हफ्ते से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में अब तक 2000 के…
2000 के नोट एक्सचेंज को शुरू हुए 2 हफ्ते से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में अब तक 2000 के करीब 50 फीसदी नोट बैंकों में पहुंच चुके हैं। जब से नोटबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से लोग बैंकों में जाकर नोट बदलवा रहे हैं, जमा कर रहे हैं। हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि करीब 1.80 लाख करोड़ 2000 के नोट बैंकों में वापस आ गए हैं।
अब सवाल उठता है कि इन लौटे नोटों का बैंक या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया क्या करेगा? क्या वह इसे कबाड़ में बेचेगी या इससे नए नोट छपेंगे? आइए जानते हैं अनुपयोगी हो चुके नोटों का आरबीआई क्या करता है?
आरबीआई नोटों का क्या करेगा?
जानकारी के मुताबिक, बैंक पहले बंद या बेकार नोटों को आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालयों में भेजता है। फिर यहां से इन नोटों को गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए कभी-कभी जला दिया जाता है। कुछ नोटों की जांच की जाती है कि कहीं वे नकली तो नहीं हैं। इसके लिए खास तरह की मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके बाद मशीन से नोटों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाते हैं। अगर नोटों की लाइफ अच्छी होती है तो उन्हें रिसाइकल किया जाता है और उनसे नए सर्कुलेशन नोट बनाए जाते हैं। फिर इन खराब नोटों को टुकड़ों में इकट्ठा कर लिया जाता है। फिर उनकी ईंटें बनाई जाती हैं। इन नोटों के टुकड़ों को कार्डबोर्ड बनाने की फैक्ट्रियों में भी भेजा जाता है।
200 रुपये की दर से कबाड़ के रूप में बेचे गए
साल 2016 में जब नोटबंदी हुई थी तो बैंकों ने पुराने नोटों को डिस्पोज करने के लिए आरबीआई के दफ्तरों में नोट जमा करा दिए थे। जिसके बाद बेकार नोटों को फैक्ट्रियों को दिया जाता है। कारखानों को लगभग 800 टन कचरा प्राप्त हुआ जिसे 200 रुपये प्रति टन के भाव से खरीदा था। यानी जिस नोट को बनाने में इतना खर्च आता है, उसे ऐसे ही नष्ट कर दिया जाता है। जब वह बेकार हो जाता है तो वही कीमती नोट कबाड़ के भाव में बिक जाता है।
नोट छापने में कितना खर्चा आता है?
2000 के नोट को छापने में करीब 4 रुपये का खर्च आता था। आरबीआई ने 2000 के नोटों का चलन बंद कर दिया है। ऐसे में अब इन्हें छापने में कोई पैसा खर्च नहीं होता है। हालांकि, 500 रुपये के नोट की छपाई की लागत 1 रुपये आती है।