Lakshadweep: आजादी के बाद भी लक्षद्वीप पर नहीं था भारत का नियंत्रण, जानें कैसे बना हिंदुस्तान का हिस्सा

Lakshadweep- भारत के दक्षिण पश्चिम हिस्से में केरल के पास अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप का शाब्दिक अर्थ लाख द्वीप…

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Lakshadweep- भारत के दक्षिण पश्चिम हिस्से में केरल के पास अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप का शाब्दिक अर्थ लाख द्वीप होता है। हालांकि अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लक्षद्वीप 36 द्वीपों को मिलाकर बना बेहद महत्वपूर्ण द्वीप है। लेकिन भारतीय पर्यटकों को सिर्फ 6 द्वीपों पर जाने की जबकि विदेशी पर्यटकों को 2 द्वीपों पर ही जाने की अनुमति है। बता दें कि लक्षद्वीप एक केंद्रशासित प्रदेश है। अर्थात यहां केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण है।

जब 1947 में देश आजाद हुआ और भारत एवं पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, तब लक्षद्वीप पर दोनों में से किसी भी देश का नियंत्रण नहीं था। आजादी के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने लक्षद्वीप को अपने कब्जे में लेने की योजना बनाई और योजना के चलते पाकिस्तान ने लक्षद्वीप पर कब्जा करने के लिए अपना एक युद्धपोत रवाना कर दिया। दरअसल लक्षद्वीप को लेकर भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश संशय में थे। दोनों देशो को यह ज्ञात नहीं था कि किसी ने उसपर अपना दावा किया है या नहीं..उसे यानी की लक्षद्वीप को अपने नियंत्रण में लिया है कि नहीं?

इस बीच भारत के तत्कालीन गृहमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने निर्णय कर लिया कि वह किसी भी हाल में पाकिस्तान का अधिकार लक्षद्वीप पर नहीं होने देंगे। उन्होंने केरल के त्रावणकोर में राजस्व कलेक्टर को सूचित किया कि वे तुरंत पुलिस की टीम के साथ लक्षद्वीप पर जाएं और भारतीय तिरंगा लहराकर अपना अधिकार स्थापित करें, ताकि पाकिस्तान जान सके कि वह भारत का हिस्सा है।

Lakshadweep- राजस्व कलेक्टर ने लक्षद्वीप पर तिरंगा फहरा दिया

राजस्व कलेक्टर ने भी इस बात को गंभीरता से लिया और ठीक पाकिस्तान के युद्धपोत के पहुंचने से पहले ही वहां पहुंच कर तुरंत भारतीय झंडा लहरा दिया। थोड़ी देर के बाद पाकिस्तान का युद्धपोत वहां पहुंचा और भारतीय तिरंगा देखते ही दबे पांव वापस लौटने को मजबूर हो गए। तब से ही लक्षद्वीप भारत का एक अभिन्न अंग बन गया। 1956 में सभी द्वीपों को मिलाकर भारत सरकार ने इसे केंद्रशासित प्रदेश बना दिया।

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