दुनिया का सबसे विशालकाय जानवर, जिसके आगे डायनासोर और ब्लू व्हेल भी हैं बौने

वैज्ञानिकों ने पेरुसेटस कोलोसस नाम के एक जीव के जीवाश्म का पता लगाया है। इनके अनुसार यह जानवर तकरीबन 4…

दुनिया का सबसे विशालकाय जानवर
वैज्ञानिकों ने पेरुसेटस कोलोसस नाम के एक जीव के जीवाश्म का पता लगाया है। इनके अनुसार यह जानवर तकरीबन 4 करोड़ साल तक जीवित रह सकता है। यह इओसीन युग यानी कि 5.6 करोड साल पहले आरंभ हुए युग के समय का है और 66 फीट की ऊंचाई एवं 340 मीट्रिक टन के वजन का यह जानवर वर्तमान ब्लू वेल और डायनासोर से भी ज्यादा भारी है। अब तक सबसे बड़े और ज्यादा समय तक जीवित रहने वाले जानवर का जिक्र होता है तो सबसे पहले हमारे मन में ब्लू वेल का ही नाम आता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जानवर का पता लगाया है जो समुद्र के ब्लू वेल और डायनासोर जैसे जानवरों को पीछे छोड़ दिया है। वैज्ञानिकों ने ‘पेरुसेटस कोलोसस’ नाम के प्रारंभिक व्हेल के जीवाश्म का पता लगा लिया है। यह अवशेष दक्षिण अमरिका के पेरू के समुद्री क्षेत्र में मिले हैं। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पेरुसेटस कोलोसस नामक जानवर लगभग 38 से 40 मिलियन यानी कि 4 करोड़ साल तक जीवित रह सकता है। साथ ही यह जानवर 5.6 करोड़ साल पहले आरंभ हुए इओसीन युग का है।

क्यों नाम पड़ा पेरुसेटस कोलोसस

वैज्ञानिकों का दावा किया है कि यह ब्लू व्हेल के आकार से भी बड़ा हो सकता है, क्योंकि इसका वजन करीब 340 मीट्रिक टन है, जबकि इसकी ऊंचाई 66 फीट यानी की ये 20 मीटर लंबा है। जबकि सबसे बड़ी ब्लू व्हेल का वजन 190 टन था। पौधा खाने वाले अर्जेंटीनोसॉरस के एक डायनासोर अर्जेंटीना में लगभग 95 मिलियन वर्ष पहले मौजूद था। इसका सीधा अर्थ है कि यह जानवर ब्लू व्हेल एवं डायनासोर से भी भारी था। यही वजह है कि इसका नाम ‘पेरुसेटस कोलोसस’ है जिसका अर्थ विशाल पेरूवियन व्हेल होता है।

सिर्फ कंकाल का ही वजन ब्लू वेल से दोगुना

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पेरुसेटस कोलोसस के कंकाल का वजन ही ब्लू वेल से दोगुना है। दरअसल वैज्ञानिकों को खुदाई के दौरान ‘पेरुसेटस कोलोसस’ के 13 रीढ की हड्डी में कशेरुका, 4 पसलियां एवं 1 कुल्हे की हड्डी मिली है, जो बड़ी और घनी पाई गई है। इसके अलावा कंकाल का ही वजन लगभग 5 से 8 टन है, जो कि ब्लू व्हेल के दोगुना है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस जानवर में अत्यधिक वजन के अलावा और भी कई ऐसी ऐसी विशेषताएं हैं, जो कि हमारी कल्पना से भी बाहर है।

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