साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों ने 13 घंटे किया शव के साथ सफर, पत्नी नींद में समझ बगल में बैठी रही

साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन- अहमदाबाद से चलकर अयोध्या जा रही साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच के यात्रियों को करीब 13…

साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन- अहमदाबाद से चलकर अयोध्या जा रही साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच के यात्रियों को करीब 13 घंटे एक शव के साथ सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। दरअसल, 13 घंटे बाद जब ट्रेन झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, तब जीआरपी की मदद से शव को कोच से उतारा गया। इस दौरान मृतक की पत्नी शव के साथ बैठी थी। राजकुमार अपनी पत्नी, छोटे बच्चों और एक साथी के साथ सूरत से अयोध्या की यात्रा कर रहा था। इस दौरान राजकुमार ट्रेन में ही सो गया, लेकिन कई घंटे बाद भी जब राजकुमार नहीं उठा, तो आसपास बैठे लोगों को शक होने लगा। हिलाने-डुलाने पर पता चला कि राजकुमार की तो सांसे थम चुकी है।

साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन

यात्रियों ने 13 घंटे किया शव के साथ सफर

सरस्वती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच क्रमांक नंबर S6 की सीट नंबर 43, 44, 45 राजकुमार अपनी पत्नी और दो बच्चों और एक साथी सुरेश यादव के साथ सफर कर रहा था। राजकुमार अयोध्या के इनायत नगर स्थित मजलाई गांव का निवासी है। वह सूरत से अयोध्या के लिए ट्रेन बैठा था। सुरेश ने बताया कि सफर के दौरान रात्रि में राजकुमार सो गया था, लेकिन मंगलवार सुबह लगभग 8:00 बजे उन्होंने जब राजकुमार को जगाना चाहा, लेकिन वहां नहीं उठा, लेकिन जब धड़कन देखी, तो वह बंद थी।

सुरेश को पता था कि सांसे थम चुकी है

सुरेश ने बताया कि राजकुमार अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सफर कर रहे थे, इसलिए सुरेश ने कुछ नहीं बताया, क्योंकि ट्रेन में कोहराम मच जाता। उन्हें राजकुमार की मौत की कोई भी जानकारी नहीं है, लेकिन रात्रि 8:30 बजे जब ट्रेन झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पहुंची, तब जीआरपी की मदद से मृतक के शव को ट्रेन से उतर गया, जहां पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।।

बात करते राजकुमार सो गए

साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन- सुरेश ने बताया कि हम साबरमती से आ रहे थे, क्योंकि राजकुमार बीमार था। वह सूरत में गाड़ी चलाता था और उनका एक्सीडेंट हो गया था, काफी दिखाए लेकिन वह ठीक नहीं हो पाए, इसलिए हम राजकुमार को फिरोजाबाद लेकर जा रहे थे। राजकुमार रास्ते में बातचीत कर रहा था, लेकिन फिर सो गए, लेकिन कहां पर उनकी मौत हुई यह नहीं पता चल पाया। शायद सुबह 7:30 बजे के करीब उनकी मौत हुई होगी। रास्ते में डर के मारे मैंने किसी को नहीं बताया कि राजकुमार की सांस नहीं चल रही है।

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